रिवाइज कोर्स मुरली 30-06-1974  

निराकार ज्योतिर्बिन्दु स्वरूप परमपिता शिवपरमात्मा इस धरती पर अवतरित होकर ज्ञान और योग से धर्म की स्थापन कर रहे हैं।

परम शिक्षक शिवपरमात्मा के द्वारा बताई गई इस ज्ञान मुरली को आत्मिक स्थिति में पढ़ना चाहिए।

आत्मिक स्थिति में आने के लिए किये जाने वाले संकल्प :

1. मैं आत्मा शान्त स्वरूप हूँ, शिवबाबा मेरे परमपिता हैं।

2. मैं ईश्वरीय विद्यार्थि हूँ, बाबा मेरे टीचर हैं।

3. बाबा मेरे सद्गुरु हैं, मैं मास्टर सद्गुरु हूँ।

4. शिव परमात्मा मेरे जीवन साथी हैं, मैं शिव परमात्मा की जीवनसाथी हूँ।

5. सर्व संबंधों को बाबा से जोड़कर उस संबंध के कर्त्तव्य को ब्राह्मण जीवन में आचरण में लाने से आत्मिक स्थिति सहज हो जाती है।

आत्मिक स्थिति में, हर एक मुरली में, "बाबा मुरली मुझ से ही कह रहे हैं", ऐसे भाव से पढ़ना चाहिए।

रूहानी सेना का मुख्य लॉ

रूहानी सेना के सर्वोच्च सेनापति शिव बाबा अपने बच्चों के प्रति बोले :-

रूहानी सेना सदैव शस्त्रधारी, लॉ एण्ड ऑर्डर में चलने वाली होती है। सेना का मुख्य गुण यही देखा जाता है, कि लॉ एण्ड ऑर्डर कहाँ तक है? तो क्या आप सब लॉ एण्ड ऑर्डर में हो? रूहानी सेना के लिए मुख्य लॉ कौन-सा है कि जिसमें सब लॉ आ जाएं? रूहानी सेना के लिए मुख्य लॉ यही है कि कभी भी अपनी देह को व अन्य देहधारी की तरफ नहीं देखना है। बाप की तरफ ही हर कदम उठाना है। यह है रूहानी सेना के लिए मुख्य लॉ। अगर जरा भी देहधारी व अपनी देह को देखा, तो जो मंजिल है कि-बाप तक पहुँचना व बाप से मिलना, तो वहाँ तक पहुंच नहीं सकेंगे। अच्छा।

मुरली पढ़ने के बाद परम शिक्षक सद्गुरु शिवबाबा से बताई गई विधि मनन चिंतन है।

मनन चिंतन करने की विधि, शिवबाबा चार मुरलीयों में बतायें हैं।

01-02-1979

23-12-1987

10-01-1988

07-04-1981

मनन शक्ति ही दिव्य बुद्धि की खुरक है।

हर वाक्य का रहस्य क्या है?, हर वाक्य को किस समय में?, किस विधि के द्वारा कार्य में प्रयोग करना है?, और हर वाक्य को दूसरे आत्माओं के प्रति सेवा में किस विधि से कार्य में लाना है?, ऐसे चार प्रकार से हर वाक्य को मनन करना है।

ज्ञान के मनन चिंतन के द्वारा समर्थ संकल्प, समर्थ स्थिति और शक्तिशाली स्मृति में रह सकते हैं।

ज्ञान की स्मृति (मनन चिंतन) द्वारा हमको ज्ञान दाता शिवबाबा की स्मृति स्वतः रहती है।

मनन चिन्तन करने के लिए उपयोगी संकल्प के लिए "समर्थ संकल्पों का खजाना" उपर के शिर्षकों में देखा जा सकता है।

मनन चिंतन मुरलीयों के लिए इस लिंक को स्पर्श करें।

उधारमूर्ति भव!